डायोड क्या है? डायोड के कार्य तथा उपयोग

डायोड क्या है?  डायोड के कार्य तथा उपयोग – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी?  उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे।  मैं एक बार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूं हमारे इस बिल्कुल नए आर्टिकल पर।  आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं डायोड क्या है?  तो दोस्तों अगर आप भी डायोड के बारे में जानना चाहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इसीलिए यह आर्टिकल आखिरी तक जरूर पढ़िए। 

इलेक्ट्रॉनिक सब्जेक्ट की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए डायोड कोई नया शब्द नहीं है। अगर आप इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग जैसे पढ़ाई कर रहे हैं तो आपको प्रतिदिन डायोड शब्द सुनने को मिलता होगा । डायोड शब्द आज हर किसी चैप्टर में उपयोग होता है , लेकिन दोस्तों डायोड क्या है यह एक बुनियादी प्रश्न है और इसके बारे में जानकारी कभी विस्तार से नहीं दी जाती है इसीलिए आज इस आर्टिकल में हमने आपको डायोड के बारे में बताने का फैसला लिया है।  आज साइड कल में हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं डायोड क्या है?  तथा डायोड का उपयोग क्या है? 

बिना डायोड के किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की कल्पना तक असंभव है।  यदि आपको कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के पार्ट का अध्ययन करें तो आपको देखने को मिलेगा कि उसमें डायोड का इस्तेमाल हुआ है।  डायोड इतना महत्वपूर्ण है कि बिना डायोड के कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं बनाया जा सकता इसीलिए यह जानना और आवश्यक हो जाता है कि डायोड क्या है? 

डायोड क्या है ? 

दोस्तों अगर आपको नहीं पता कि डायोड क्या है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डायोड एक प्रकार का सेमीकंडक्टर होता है। जिसका काम करंट को सिर्फ एक दिशा में फ्लो करना होता है। डायोड को साधारण भाषा में रेक्टिफायर भी कहा जाता है।  डायोड एक प्रकार का वन वे स्विच की तरह कार्य करता है।  डायोड का मुख्य कार्य करंट को एक दिशा में सुचारू रूप से प्रवाहित करना है।

डायोड में करंट के प्रवाहित होने की दिशा नेगेटिव टो पॉजिटिव होती है अर्थात यह करंट को नेगेटिव से पॉजिटिव की ओर प्रवाहित करता है।

कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ऐसे होते हैं जहां डायोड का कार्य एसी धारा को डीसी धारा में परिवर्तित करना है । अलग-अलग उपयोग के अनुसार डायोड का इस्तेमाल अलग-अलग स्थानों पर किया जाता है।

कहीं-कहीं पर डायोड का इस्तेमाल सिगनल्स को मिक्स करने में भी किया जाता है क्योंकि डायोड में दो टर्मिनल पाए जाते हैं।  दोनों टर्मिनल एक दूसरे को टच नहीं करते हैं। दोनों के बीच में स्पेस होता है।

डायोड के प्रकार

अभी तक हमने आपको बताया कि डायोड क्या है? आइए हम आपको बताते हैं कि डायोड के प्रकार क्या है?  दोस्तों अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग प्रकार के डायोड का इस्तेमाल किया जाता है जिनके बारे में नीचे बताया गया है। 

Backward diode

Backward diode एक प्रकार से पीएन जंक्शन का ही रूप है लेकिन इसका इस्तेमाल अधिक नहीं किया जाता है।  यह सिर्फ सीमित जगहों पर इस्तेमाल होता है। 

इस प्रकार के डायोड को हम शार्ट फॉर्म बैक डायोड के नाम से भी जानते हैं।  अगर इसकी बनावट की बात करें तो इसका एक हिस्सा दूसरे हिस्से की अपेक्षा थोड़ा सा भारी होता है। 

BARITT DIODE

यह एक विशेष प्रकार का डायोड होता है। इस डायोड का फुल फॉर्म barrier injection transit time डायोड है । जितने भी माइक्रोवेव एप्लीकेशन होते हैं वहां पर इसी डायोड का इस्तेमाल होता है।

Gunn diode

यह डायोड मुख्य रूप से बैटरी में सिग्नल को उत्पन्न करने के लिए काम में लाया जाता है। इस प्रकार के डायोड का मुख्य यूजर सिगनल्स को उत्पन्न करने में होता है।  इसमें दो टर्मिनल पाए जाते हैं ।

लेजर डायोड

दोस्तों आप सभी ने एलईडी यानी कि लाइट एमिटिंग डायोड का नाम सुना होगा । लेजर डायोड भी उसी की प्रकार होता है पर यह लेजर किरणों को जनरेट करता है। 

पिन डायोड

यदि एक अलग प्रकार का डायोड होता है। इस डाउनलोड में दो पिन होती है। एक p टर्मिनल होती है तथा दूसरी पिन n टर्मिनल होती है। कुछ विशेष स्थिति में पिन डायोड का इस्तेमाल किया जाता है। 

डायोड के उपयोग

दोस्तों आइए हम आपको बताते हैं आप डायोड का इस्तेमाल कहां कहां किया जाता है?  अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्र में डायोड का इस्तेमाल विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिए होता है।

सेंसर

आज आपको मार्केट में ऐसे अनेक डिवाइस देखने को मिल जाएंगे जो सेंसर की सहायता से वर्क करते हैं। सेंसर निर्माण में डाइवर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसीलिए डायोड का इस्तेमाल अनेक सेंसर के निर्माण में किया जाता है, 

एलईडी उपकरण

आजकल मार्केट में एलईडी उपकरण का क्रेज बहुत अधिक है।  एलईडी उपकरण की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यह बहुत कम पावर कंज्यूमर करते हैं।  एलईडी उपकरण निर्माण में डायोड का इस्तेमाल होता है।  इसमें मुख्य लाइट एमिटिंग डायोड का ही इस्तेमाल किया जाता है।

सर्किट में

जितने भी सर्किट होते हैं फिर चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस क्यों हो,  या फिर मोबाइल फोन उनके अंदर सर्किट को कंप्लीट करने के लिए डायोड का इस्तेमाल जरूर होता है।  डायोड सर्किट को कंप्लीट करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

Flashlight

जितनी भी बड़ी-बड़ी और डिजिटल फ्लैशलाइट होती हैं उन फ्लैशलाइट में डायोड का इस्तेमाल किया जाता है। Diode नेगेटिव करंट को पॉजिटिव दिशा में प्रवाहित करता है इसीलिए इसका इस्तेमाल फ्लैशलाइट के रोशनी को ग्लो करने में किया जाता है। 

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 निष्कर्ष

तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही।  आज की यह जानकारी यहीं पर समाप्त होती है।  आज इस आर्टिकल पर हमने आपको बताया कि डायोड क्या है तथा डायोड का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?  साथ में हमने आपको डायोड के कुछ प्रमुख उपयोग भी बताएं।  हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। अगर आप इसी प्रकार की अन्य जानकारियां पाना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए।  अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।  शुभ दिन